शिमला 09 फरवरी । शिमला जिला भाजपा प्रवक्ता जितेन्द्र भोटका, सक्षम गुडिया बोर्ड की पूर्व उपाध्यक्षा रूपा शर्मा, राजेन्द्र सिंह झिन्ना, शशांक अत्री ने मिडिया को संयुक्त जारी करके मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खु पर राज्य के वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया है । इनका कहना है कि राजस्व वित्तीय घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने पर सीएम सुक्खु बौखला गए हैं और प्रदेश में लोगों को दी जा रही सुविधाओं को बंद करने की तैयारी कर रहे हैं ।
जितेन्द्र भोटका और रूपा शर्मा ने बताया कि आरडीजी अगले वित्तीय वर्ष से बंद हुई है। जबकि बीते तीन वर्षों से केंद्र से लगातार आरडीजी मिल रही थी तो इस अवधि में सीएम सुक्खु ने कर्मचारियों व पैंशनरों के छठे वेतन आयोग के एरियर और मेडिकल बिलों का भुगतान क्यों नहीं किया गया । विशेषकर पैंशनर्ज जो जीवन के चौथे पड़ाव पर बैठे हैं और बीते तीन वर्षों से अपने देय लाभों की लगातार मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं । सुक्खु सरकार ने बीते तीन वर्षों में कर्मचारियों व पैंशनर्स को कुछ नहीं दिया और अब आरडीजी बंद होने का बहाना मिल गया है । अपने कार्यकाल में सुक्खु सरकार सरकारी धन का डटकर दुरूपयोग कर रही है । पंचायत चुनाव को टालने के लिए करोड़ों रूपये व्यय किए जा रहे हैंे ।
इन्होने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान दस झूठी गारंटियां दी गई जोकि तीन वर्ष पूरे होने पर भी पूरी नहीं हुई । महिलाओं को हर माह 1500 रूपये देने के नाम से ठगा गया । बीते तीन वर्षों में काफी संख्या में शिक्षण संस्थान व विभिन्न विभागों के कार्यालय बंद कर दिए गए । जबकि सीएम सुक्खु अपने मित्रों को लाभ देने में प्रथम श्रेणी में रहे । सरकारी धन के कुप्रबंधन से प्रदेश सरकार का दिवालिया निकल गया है । इन्होने कहा कि प्रदेश की जनता सुक्खु सरकार के झूठे वायदों को भलीभांति समझ गई है और यदि यही स्थिति रही तो सुक्खु सरकार कभी भी सत्ताहीन हो सकती है ।







