हिमाचल प्रदेश अनुबंध कर्मचारी महासंघ पिछले तीन वर्षों से अनुबंध काल दो वर्ष होने का इंतजार कर रहा है, परंतु सरकार तीन वर्ष बीत जाने पर भी अनुबंध काल घटाकर दो वर्ष नहीं कर पाई। इससे हिमाचल प्रदेश में विभिन्न विभागों में कार्यरत 17000 अनुबंध कर्मियों के हाथ निराशा हाथ लगी है।
उलेखनीय है कि भाजपा ने 2017 में विधानसभा चुनावों में अपने घोषणा पत्र में तीन वर्ष से अनुबंध कार्यकाल दो वर्ष करने का जिक्र किया था, परंतु तीन वर्ष बीत जाने पर भी अभी तक अनुबंध कर्मी अभी भी इंतजार में हैं। चुनावों में भाजपा मुख्यमंत्री पद के दावेदार प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने सार्वजनिक मंच से सत्ता में आते ही अनुबंध कार्यकाल दो वर्ष करने की घोषणा की थी, परंतु मुख्यमंत्री का चेहरा बदलते ही सरकार की मंशा भी अनुबंध कर्मियों के प्रति बदल गई।








