शिमला 17 दिसंबर । हिमाचल प्रदेश उद्योग विभाग के सौजन्य से डिग्री कॉलेज चायल कोटी में एक दिवसीय, एंटरप्रेन्योरशिप कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें कॉलेज के 50 विद्यार्थियों को पंजीकृत किया गया था जिन्हें भविष्य में व्यापार तथा रोजगार के संदर्भ में विभिन्न प्रकार के कौशलों से अवगत करवाया गया। वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ0 अजय कायथ ने दीप प्रज्वलन करके कार्यशाला का शुंभारंभ किया । उन्होने अपने संबोधन में कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं को अपना स्वरोजगार आंरंभ करने के लिए अनेक कार्यक्रम कार्यान्वित किए जा रहे हैं जिसका युवाओं को लाभ उठाना चाहिए । उन्होने कहा कि सरकारी सेवा में रोजगार के अवसर सीमित है इसलिए विद्यार्थियों को अपनी रूचि अनुरूप तकनीकी प्रतिक्षण प्राप्त करके अपना स्वरोजगार आरंभ करना चाहिए । उन्होने बच्चों से यह आग्रह किया की शिक्षा को रोजगार उन्मुख बनाने के लिए इस प्रकार की कार्यशाला में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए तथा आत्मनिर्भर राज्य तथा देश के लिए अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
उद्योग विभाग के प्रतिनिधि पुनीत जमटा और नितेश ठाकुर ने कॉलेज के छात्रों को एंटरप्रेन्योरशिप के विभिन्न पहलुओं बारे जानकारी दी । कॉलेज के प्रोफेसर आईपी नेगी और प्रोफेसर देवेंद्र सिंह ने भी कार्यशाला के आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया। उद्योग विभाग द्वारा कार्यशाला के लिए चयनित 50 युवाओं के लिए आगामी दिनों में तीन दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम का भी आयोजन किया जाएगा ताकि युवा शिक्षा ग्रहण करने के उपरांत अपना कारोबार चलाने के लिए आगे आ सके ।








