सोलन
सोलन शहर को पेयजल उपलब्ध करवाने वाली अश्विनी खड्ड उठाऊ पेयजल योजना की शुद्धता पर सवालिया निशान लग रहे हैं। इस योजना के स्त्रोत अश्विनी खड्ड में पर्यटकों द्वारा मस्ती करना व गंदगी डालना लगातार जारी है। एक माह पहले ही यहां पर डीसी ने धारा 144 लगाई है और इसके लिए यहां बोर्ड भी लगाए गए हैं लेकिन इसके बावजूद भी आदेशों की खुलेआम उल्लंघना हो रही है।
बता दें कि डीसी ने कुछ समय पूर्व जिला में अश्वनी खड्ड एवं इसके पूर्ण जलागम क्षेत्र में सभी प्रकार की अनाधिकृत पर्यटन एवं व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह प्रतिबंध आपराधिक दंड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया था। इन आदेशों में कहा गया था कि अश्विनी खड्ड के किनारे ऐसे स्थान जहां जल के दूषित होने की संभावना है, वहां पर खान-पान स्टाल, कियोस्क, ढाबा, होटल इत्यादि चलाने एवं स्थापित करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। नदी में नहाना एवं पिकनिक इत्यादि गतिविधियां आयोजित करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध है। नदी के किनारों अथवा जल में किसी भी प्रकार का कचरा फैंकने की सख्त मनाही है।
यह आदेश सोलन को पेयजल उपलब्ध करवाने वाली अश्विनी पेयजल योजना के स्त्रोत को पूर्ण रूप से स्वच्छ और सुरक्षित रखने के लिए जारी किए गए थे। यहां प्रतिबंधित गतिविधियां स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं तथा इससे महामारी फैलने की सम्भावना भी बनी रहती है। यही नहीं, अभी यहां पर पर्यटन गतिविधियां चल रही हैं और पर्यटक मैदानी क्षेत्रों से आकर यहां खड्ड के पानी में नहाने व जलक्रीड़ा के लिए उतर जाते हैं। अब जबकि यहां पर देखने वाला कोई नहीं है तो जमकर आदेशों की अवहेलना हो रही है।



