हिमाचल प्रदेश में विभिन्न जिलों में हर साल करीब डेढ़ लाख टन धान की पैदावार होती है। इसमें हिमाचल प्रदेश की खपत से 54 हजार टन धान सरप्लस होता है।
पिछले साल की खरीद ऑफलाइन ही थी, लेकिन इस बार पहली बार ऑनलाइन खरीद की जाएगी। किसानों को उनकी फसल की कीमत सीधे खाते में पहुंचाने के लिए पहली बार ऑनलाइन पोर्टल की मदद से धान की खरीद की जाएगी। कृषि विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है, जिसमें किसान पंजीकरण कराएगा और अपनी जमीन का ब्योरा दर्ज करेगा। इसके बाद किसान नजदीकी बिक्री केंद्र पर जाकर अपनी फसल को उचित मूल्य पर बेच सकेगा। इस बिक्री के बाद सीधे उसके बैंक खाते में पैसे आएंगे। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और फूड कोरऑप्रेशन ऑफ इंडिया कांगड़ा के फतेहपुर, सिरमौर के पांवटा साहिब, सोलन के नालागढ़ और ऊना में स्थित खरीद केंद्रों पर खरीद करेंगे।
अक्तूबर के तीसरे हफ्ते से खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी। केंद्रों को तैयार करने की प्रक्रिया जारी है और इस महीने के अंत तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। विभाग की इस कवायद से बिचौलियों का खेल पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि पहले बिचौलिए फसल खरीदकर उसे आगे बेचते थे, लेकिन अब किसान ही अपनी फसल को बेच सकेगा।








