शिमला 23 अक्तूबर । राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मशोबरा के ब्यूटी एंड वेलनेस विषय के 55 विद्यार्थियों ने व्यावसायिक शिक्षा के तहत पांच दिवसीय ऑन-जॉब ट्रेनिंग कार्यक्रम में भाग लेकर व्यावहारिक कौशल सीखे। सुन्नी स्थित साई ऑरा सत्य साई सैलून में आयोजित इस प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सौंदर्य एवं व्यक्तिगत देखभाल से जुड़ी विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी गई।
सैलून संचालिका दीपिका ने विद्यार्थियों को त्वचा एवं बालों की देखभाल, फेशियल, क्लींजिंग, टोनिंग, मॉइस्चराइजिंग, हेयरड्रेसिंग, हेयर स्टाइलिंग, मेकअप, मेहंदी कला, मैनीक्योर और पेडीक्योर जैसी गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके साथ ही सैलून में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की पहचान, उनके सुरक्षित उपयोग, उपकरणों के सैनिटाइजेशन, व्यक्तिगत स्वच्छता और संक्रमण से बचाव के तरीकों के बारे में भी बताया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सौंदर्य उत्पादों के उचित चयन, कार्यस्थल की स्वच्छता, ग्राहक सेवा, प्रभावी संवाद, समय प्रबंधन और सैलून संचालन के बुनियादी पहलुओं से भी परिचित करवाया गया।
विद्यालय की व्यावसायिक शिक्षा शिक्षिका अनु पराशर ने कहा कि ऑन-जॉब ट्रेनिंग व्यावसायिक शिक्षा का अहम हिस्सा है। इससे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव मिलता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्या मीनाक्षी सूद ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगारपरक और जीवनोपयोगी कौशल प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठा सकें। इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
सैलून संचालिका दीपिका ने विद्यार्थियों को त्वचा एवं बालों की देखभाल, फेशियल, क्लींजिंग, टोनिंग, मॉइस्चराइजिंग, हेयरड्रेसिंग, हेयर स्टाइलिंग, मेकअप, मेहंदी कला, मैनीक्योर और पेडीक्योर जैसी गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके साथ ही सैलून में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की पहचान, उनके सुरक्षित उपयोग, उपकरणों के सैनिटाइजेशन, व्यक्तिगत स्वच्छता और संक्रमण से बचाव के तरीकों के बारे में भी बताया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सौंदर्य उत्पादों के उचित चयन, कार्यस्थल की स्वच्छता, ग्राहक सेवा, प्रभावी संवाद, समय प्रबंधन और सैलून संचालन के बुनियादी पहलुओं से भी परिचित करवाया गया।
विद्यालय की व्यावसायिक शिक्षा शिक्षिका अनु पराशर ने कहा कि ऑन-जॉब ट्रेनिंग व्यावसायिक शिक्षा का अहम हिस्सा है। इससे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव मिलता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्या मीनाक्षी सूद ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगारपरक और जीवनोपयोगी कौशल प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठा सकें। इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।


