खजाना खाली है और कर्जा लगातार बढ़ रहा, फिर भी 11 लाख खर्च कर हाई-टी पीने दिल्ली जा रहे
हमीरपुर 14 अक्तूबर, 2026:
प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सरकारी हेलिकॉप्टर के दुरुपयोग को लेकर सीधा हमला बोला है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि लगता है कि मुख्यमंत्री ने हेलिकॉप्टर को साइकिल समझ लिया है। जैसे साइकिल पर पड़ोस में आते-जाते हैं, वैसे ही शिमला-दिल्ली हो रहा है। मुख्यमंत्री बताएं, ये हेलिकॉप्टर प्रदेश के काम के लिए है या कांग्रेस की रैलियों और अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए?
उन्होंने आरोप लगाया कि 8 से 14 अक्तूबर के बीच मुख्यमंत्री कई बार दिल्ली-शिमला उड़े हैं। कभी अपनी पार्टी के आंदोलन में तो कभी प्रदर्शन में। पहले साढ़े 9 बजे दिल्ली से शिमला आकर ओकओवर में नाश्ता किया और दोपहर से पहले फिर दिल्ली में लंच और वो भी सिर्फ एक हाई-टी में शामिल होने के लिए। इस एक उड़ान पर 11 लाख रुपए जनता का फूंका गया। क्या प्रदेश इतना अमीर हो गया है कि एक चाय पर 11 लाख उड़ाए जा रहे हैं? उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार ईमानदार है तो इस अवधि की सारी उड़ानों की लॉगबुक और खर्चा सार्वजनिक किया जाए। कांग्रेस के कार्यक्रमों की उड़ानों का पैसा किस मद से दिया? क्या कांग्रेस पार्टी ने पैसा लौटाया? सरकारी अस्पतालों में ग्लव्स, ग्लूकोज और टांके का सामान तक बाहर से खरीदना पड़ रहा है। दीवाली सिर पर है और कर्मचारियों को उनका अपना जीपीएफ नहीं मिल रहा है। दिल्ली में हिमाचल भवन-सदन छोड़कर फाइव स्टार में रुकने और सीएम ऑफिस की सजावट पर कितना उड़ाया? यह भी सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को हेलिकॉप्टर इस्तेमाल करने का पूरा हक है। अगर वो केंद्र से प्रदेश के लिए पैसा लाने जा रहे हैं और विकास कार्यों की मीटिंग करने जा रहे हैं। लेकिन सरकारी हेलिकॉप्टर से चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में जाना तर्कसंगत नहीं है। फिर संवैधानिक पद की गरिमा कैसे बचेगी? उन्होंने कहा कि सरकार रोज कहती है कि खजाना खाली है और कर्ज है। फिर एक चाय के लिए 11 लाख कैसे चुकाई? सरकारी हेलिकॉप्टर, गाड़ी और बंगला जनता के टैक्स से चलता है। भाजपा हर पैसे का हिसाब लेगी। उन्होंने कहा कि जनता पंचायत चुनाव में जवाब दे चुकी है और अब विधानसभा में हिसाब लेगी।


