हिमाचल प्रदेश के शिमला नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल ने गुरुवार को 222.41 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह तीन साल का सबसे छोटा बजट रहा। साल 2019 में 297 करोड़ जबकि बीते साल 2020 में 225 करोड़ का बजट पेश किया था। हालांकि एमसी इसे सरप्लस बजट बता रहा है। इस बार आय को व्यय से 24.46 लाख ज्यादा दिखाया है। मेयर ने कहा कि अम्रुत से इस बार कम पैसा मिलने के कारण पिछले साल से थोड़ा छोटा बजट पेश किया गया है। मेयर सत्या कौंडल ने वीरवार सुबह 11:08 मिनट से बजट पढ़ना शुरू किया। यह भाषण 12:15 मिनट तक चला। बीच में कई जगह आंकड़ों में मेयर उलझी भी। लेकिन बिना रुके उन्होंने पूरा बजट पढ़ा।
सड़कों, रेलिंग, रास्तों, सीढ़ियों के निर्माण और रखरखाव पर 21.10 करोड़ खर्च होंगे, स्ट्रीट लाइटों पर 80 लाख, भवनों, आवासों के निर्माण और रखरखाव पर 4.2 करोड़ खर्चेेंगे, पार्किंगों के रखरखाव पर 1.30 करोड़, नालों के चैनलाइजेशन पर 1.35 करोड़ खर्च होंगे, शौचालयों के रखरखाव पर 1.20 करोड़, एक करोड़ से बनेंगे खेल मैदान और पार्क सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर दस करोड़, अम्रुत के निर्माण कार्यों पर खर्च होंगे 53 करोड़, राजीव आवास योजना के तहत आवास निर्माण पर खर्च होंगे 6.42 करोड़, शहर में अगले एक साल में कुल 112 करोड़ रुपये से होंगे नए काम होंगे।








