हमीरपुर , 26 नवंबर:
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कई वरिष्ठ पत्रकारों और प्रेस गैलरी कमेटी के सदस्यों को प्रवेश न मिलने के मामले ने राजनीतिक गर्मी बढ़ा दी है। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने इस निर्णय को सीधे-सीधे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला करार देते हुए सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार ने जानबूझकर पत्रकारों को सत्र कवरेज से दूर रखा, ताकि विधानसभा के अंदर उठ रहे सवाल और सरकार की कमियां जनता तक न पहुँच सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अनुभवी पत्रकारों के नाम सीएम कार्यालय के दबाव में सूची से हटाए गए, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि हिमाचल की राजनीतिक परंपरा में हर सरकार ने मीडिया को सम्मान दिया है, जबकि मौजूदा शासन ने प्रेस की स्वतंत्रता को सीमित करने की कोशिश की है। उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि विभाग उन पत्रकारों को चुन रहा है जिन्हें विधानसभा कवरेज की अनुमति दी जाएगी। जबकि विधानसभा कवरेज की अनुमति देने का अधिकार सदैव स्पीकर के पास रहा है।
राणा ने आरोप लगाया कि विभागीय हस्तक्षेप और सूची में की गई कटौती सत्ता के दबाव में की गई कार्रवाई है, जिसका उद्देश्य पत्रकारों को रोकना और असुविधा में डालना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार नौकरशाही के माध्यम से प्रेस गैलरी को नियंत्रित कर लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी और प्रेस की स्वतंत्रता पर कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।








