हिमाचल में बर्फबारी के बाद कड़ाके की ठंड पड़ रही है। स्थिति यह है कि पूरा प्रदेश शीतलहर की चपेट में है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 7 शहरों का पारा माइनस में दर्ज किया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में ठंड के कारण प्राकृतिक जल स्त्रोतों, झरनों आदि का पानी बर्फ में तबदील हो गया है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर सहित ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी का आम जनजीवन पर खास असर पड़ रहा है। पानी की पाइपों के जमने से लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि खुले बर्तनों में रखा पानी भी जम जा रहा है तो पेड़ों पर ओस की बूंदें भी बर्फ बन रही हैं।
लाहौल-स्पीति में केलांग प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -10.3 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं किन्नौर के कल्पा में पारा -7 डिग्री, कुफरी -2.8, सोलन -1.6, डल्हौजी -1.3, मनाली -0.4, शिमला -0.1 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा सुंदरनगर में 0.1 डिग्री, जुब्बड़हट्टी में 0.9 डिग्री, पालमपुर व चम्बा में 1.5 डिग्री, धर्मशाला व हमीरपुर में 1.8 डिग्री, बिलासपुर में 2 डिग्री, ऊना व कांगड़ा में 2.2 डिग्री, पांवटा साहिब में 2.3 डिग्री, मंडी में 3.2 डिग्री, भुंतर में 3.4 डिग्री और नाहन में 6.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान निचार में 10, कल्पा में 8, कोठी में 7, नारकंडा, खदराला और सराहन में 4-4 और केलांग में 1 सैंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में शीतलहर का प्रकोप जारी रहने की संभावना जताई है।
अगले 4 दिन वर्षा-बर्फबारी की संभावना नहीं
मौसम विभाग के निदेशक डाॅ. सुरेंद्र पाल ने बताया कि 22 दिसम्बर तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ बना रहेगा। उन्होंने प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन जिलों में सुबह व शाम के समय 3 दिनों तक मध्यम से घना कोहरा रहने का अलर्ट जारी किया है। इससे दृश्यता 500 मीटर से कम हो सकती है। उन्होंने शिमला, चम्बा, सोलन, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर की आशंका है। उन्होंने कहा कि अगले 4 दिन बारिश-बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है।






