शिमला| हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण काे ध्यान में रखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड ने दिवाली सहित चार अन्य पर्वों पर चलाई जाने वाली आतिशबाजी की समय सीमा तय कर दी है। दिवाली की रात काेई भी व्यक्ति दाे घंटे से ज्यादा आतिशबाजी नहीं कर सकते। इस दाैरान लोगों काे केवल ग्रीन पटाखे ही चलाने हाेंगे। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड ने सभी जिलाें के उपायुक्ताें और पुलिस अधीक्षकों काे आदेशाें की अनुपालना सुनिश्चित करने काे कहा है।प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड ने आम जनता से भी अपील की है कि वह दूसरे अन्य लाेगाें के स्वास्थ्य काे ध्यान में रखते हुए दिवाली पर आतिशबाजी करने को ना कहें। उनकी इस पहल से पर्यावरण संरक्षण काे भी बढ़ावा मिलेगा। बाेर्ड ने 19 नवंबर काे मनाए जाने वाले गुरु पर्व, 25 दिसंबर काे मनाए जाने वाले क्रिसमस पर्व और 31 दिसंबर काे नए साल जश्न के माैके पर चलाई जाने वाली आतिशबाजी की समय सीमा तय कर दी है।

प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड के सदस्य सचिव हरिकेश मीणा ने कहा कि सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशाें की अनुपालना करते हुए फेस्टिवल सीजन में आतिशबाजियों के चलाने की समय सीमा तय की गई है। जिसकी अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन काे कहा है। बाेर्ड का मानना है कि आतिशबाजी चलाना काेविड से ग्रसित मरीजाें के लिए भी खतरानाक है। इससे निकलने वाला धुआं काेविड मरीजाें के लिए सांस की समस्या पैदा कर सकता है।








