हमीरपुर
3 नवंबर सोमवार को असंस्कारी अमर्यादित और कुल को कलंकित करने वाले दुष्ट के हमले से घायल हुई महिला ने जख्मों का ताव न सहते हुए आखिर PGI चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया. हमीरपुर में घटित यह घटना बहुत ही शर्मनाक और लज्जित करने वाली है. 6 दिनों तक बेबस और लाचार वह महिला किस दर्द से गुजरी होगी इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. जिस कुलांगार को नाबालिग कहकर बाल सुधार गृह में भेजा गया है उसे ऐसी सख्त सजा दी जानी चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं का विचार भी करते हुए लोगों की रूह कांपे. मेरा तो मानना है कि कानूनविदों को नाबालिग की परिभाषा पर भी अब विचार करना चाहिए. हमीरपुर की जनता से मेरा आग्रह है कि अपने व्यस्त समय से थोड़ा समय मांगकर अपने बच्चों पर भी समय लगाएं ताकि भविष्य में किसी लाचार और बेबस को ऐसा दर्द न सहना पड़े










