जसवां परागपुर की जनता की पहली पसंद संजय पराशर

हिमाचल प्रदेश में इस साल के दिसंबर तक विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। सत्तारूढ़ भाजपा एक बार फिर से सरकार बनाने की ओर बढ़ने लगी है वहीं विपक्ष भी अपनी तैयारियों में जुट गया है।

एक तरफ जहाँ भाजपा ने मिशन रिपीट  को लेकर विधायकों पर विचार करना शुरू कर दिया है वहीं जसवां -परागपुर के विधायक की सीट भी खतरे में लग रही है क्योंकि वहां के लोगों ने संजय पराशर को अपना विधायक चुन लिया है।

www.crazynewsindia.com की टीम के साथ ख़ास बातचीत में लोगो ने संजय पाराशर को अपना विधायक बनाने की इच्छा जाहिर की है। उनका कहना है कि वह अपना नेता संजय पराशर को मान चूके है। संजय जी ने बहुत काम किए है उनके बच्चों की जॉब लगाई है, स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की है जबकि यह तो हमारे विधायक को करना चाहिए था पर आज तक उन्होंने हम लोगो के ले कुछ भी नहीं किया है। हमारे इलाके की ना सड़के बनी ना हमारे बच्चों को जॉब दी गई कहीं। फिर हम उन्हें क्यों नेता माने? हम तो संजय पाराशर  जी को अपना नेता मानते हैं। उन्होंने हमें हर प्रकार की चाहे वो स्वास्थ्य, रोजगार, शिक्षा  आदि बात करें वह सब सुविधाएं प्रदान की है। इसलिए हमारा नेता संजय पराशर  जी है, मनोहर लाल (नाम बदला ) जैसे जसवां -परागपुर के अनेक गांव के लोगों ने यह बात कही।

लोगों की इस विचारधारा से ऐसा लगता है कि जसवां -परागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर जो की उद्योग मंत्री के साथ साथ ट्रांसपोर्ट मंत्री भी है,उनकी मुसीबते कहीं ना कहीं बढ़ने लगी है।

संजय  पराशर से जब crazynewsindia की टीम से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि अगर जनता चाहेगी तो वह चुनाव भी लड़ेंगे। मैं निर्दलीय सीट से भी चुनाव में उतरूंगा चाहे मुझे भाजपा या कांग्रेस से टिकट मिले या नहीं । मेरे लिए मेरे लोगो से बढकर कुछ नहीं उनकी सेवा के ले इस बार मैं चुनाव में लाडूँगा।इस बार मैं अपनी जनता अपने जसवां परागपुर के लोगों को निराश नहीं करूंगा। लोगों की आशीर्वाद से मैं लडूंगा भी और जीतूंगा भी, संजय पराशर ने कहा।

संजय पाराशर एक समाजसेवी, नैशनल शिपिंग बोर्ड के सदस्य और वी.आर. मेरीटाइम सर्विसेस के प्रबंध भी है। जसवां परागपुर में संजय पाराशर लंबे समय से समाज सेवा के कार्य में लगे हैं और करोना काल में भी उन्होंने जरूरतमंदों की मदद  की और आज तक स्वास्थ्य शिविर भी लगा रहे हैं।इसके अलावा 36 गांवों में निशुल्क कंप्यूटर व इंग्लिश लर्निंग केंद्र खोले गए हैं, जहां 2500 के लगभग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन केंद्रों में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, प्रिंटर व इंटरनेट की सुविधा प्रदान की जा रही है। समय-समय पर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाते हैं जहां पर लोगों की निशुल्क स्वास्थ्य की जांच की जा रही हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.