शिमला जिले की चिड़गांव तहसील की शिलादेश पंचायत में सौर ऊर्जा से चलने वाला प्रदेश का पहला मॉड्यूलर कोल्ड स्टोर आरंभ हो गया है। डेमोस्ट्रेशन के तौर पर बागवानों के लिए यह कोल्ड स्टोर जर्मनी की जीआईजेड संस्था ने स्थापित किया है। इसमें एक समय में 1100 पेटियां रखने की क्षमता है, जिन्हें चार माह तक सुरक्षित रख सकते हैं। इस स्टोर का मोबाइल एप से संचालन किया जा सकता है।
क्षेत्र में आधुनिक मॉड्यूलर कोल्ड स्टोर की शुरुआत छौवारा वैली एप्पल सोसायटी के प्रयासों से संभव हो पाई है। सीजन के दौरान सेब के गिरते दामों के बीच बागवानों को घर-द्वार कोल्ड स्टोर की सुविधा वरदान साबित हो सकती है। शिलादेश में बागवान वीरेंद्र बशाटा के सहयोग से मॉड्यूलर कोल्ड स्टोर जर्मनी की जीआईजेड संस्था ने स्थापित किया है। जरूरत पड़ने पर इसे बिजली से भी चलाया जा सकता है। मॉड्यूलर कोल्ड स्टोर पूरी तरह से आधुनिक है, जो रिमोट से चलाया जा सकता है।
कोल्ड स्टोर में आई किसी भी तकनीकी खराबी को रिमोट से कहीं दूर बैठकर भी आसानी से ठीक किया जा सकता है। मॉड्यूलर कोल्ड स्टोर में सेब के लिए आवश्यक तापमान और नमी को कंट्रोल किया जाता है। स्टोर का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक ले जाया जा सकता है। संस्था दूसरा कोल्ड स्टोर चिड़गांव के ही आंध्रा में स्थानीय बागवान के सहयोग से स्थापित कर रही है।
इस बार सीजन के दौरान सेब के गिरते दामों में सरकार और विपक्षी दलों ने कोल्ड स्टोर स्थापित करने के कई तर्क दिए, लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने बागवानी के लिए आवश्यक कोल्ड स्टोर चेन को घर-द्वार विकसित करने के बारे में कोई कदम नहीं उठाया। बागवानी विकास अधिकारिक डॉ. कुशाल सिंह मेहता ने बताया की आने वाले समय मे मॉड्यूलर कोल्ड स्टोर बागवानों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं।








