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  • प्रदेश में 451 निजी कॉलेजों और विवि की नकल करवाने की शिकायत पर होगी कार्रवाई

    प्रदेश में 451 निजी कॉलेजों और विवि की नकल करवाने की शिकायत पर होगी कार्रवाई

    निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के पास कुछ निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में पैसा लेकर नकल करवाने और विद्यार्थियों से निजी काम करवाने की शिकायतें पहुंचीं हैं।

    प्रदेश के 451 निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की मंगलवार से जांच होगी। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आयोग ने प्रदेश के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता को जांचने का फैसला लिया है। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने एक्ट में मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। शिकायतकर्ताओं ने संस्थानों के नाम और पते सहित कई अन्य तथ्य भी आयोग के समक्ष पेश किए हैं। मंगलवार से आयोग की जांच कमेटी निजी संस्थानों का दौरा करेगी।

    इन संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार चल रहे कोर्सों को जांचा जाएगा। किस कोर्स में कितने विद्यार्थी दाखिल हैं, शिक्षकों की योग्यता क्या है। कोर्स सरकार से मंजूर हैं या नहीं। कितने संस्थानों को नैक से मान्यता मिली है। राष्ट्रीय रैकिंग में संस्थानों की स्थिति कैसी है। ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है। संस्थानों के आधारभूत ढांचे को भी जांचा जाएगा। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आयोग के अध्यक्ष सरकार और राज्य विश्वविद्यालय व तकनीकी विश्वविद्यालय को अपनी रिपोर्ट देंगे। डिग्री कॉलेजों सहित बीएड कॉलेजों, तकनीकी कॉलेजों, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों, फार्मेसी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा।

  • विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय की तर्ज पर छात्रवृत्ति दी जाए : ABVP

    विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय की तर्ज पर छात्रवृत्ति दी जाए : ABVP

     

    आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 52वें स्थापना दिवस पर आए मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी जी ने मुख्यमंत्री महोदय को ज्ञापन सौंपते हुए कहा की प्रदेश में हजारों छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं को सुचारू रूप से लगा पाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में प्रदेश के छात्रों के पास तकनीकी सुविधाओं की कमी होने की वजह से ऑनलाइन माध्यम से कक्षा लगा पाना काफी कठिन हो रहा है। इसलिए जल्द से जल्द छात्रों छात्रों को तकनीकी सामग्री उपलब्ध की जाए तथा जरूरतमंद छात्रों को इंटरनेट डाटा स्टाइपेंड के रूप में दिया जाए और अध्यापकों का भी विशेष प्रशिक्षण ऑनलाइन कक्षाओं के लिए करें ताकि ऑनलाइन शिक्षा में गुणवत्ता लाई जा सके। उन्होंने कहा की पिछले बहुत समय से विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार का पद खाली पड़ा है इसलिए विश्वविद्यालय के लिए स्थाई रजिस्ट्रार की नियुक्ति भी जल्द की जाए विश्वविद्यालय में वाहनों को पार्क करने की एक गंभीर समस्या पिछले लंबे समय से बनी हुई है इसलिए विश्वविद्यालय के लिए एक बहुमंजिला पार्किंग की व्यवस्था भी की जाए ताकि वाहनों का जमावड़ा विश्वविद्यालय कैंपस से दूर हो सके,उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों छात्र जो शिमला में कमरा ले करके रह रहे हैं और प्रदेश के दूरदराज क्षेत्र से आए हुए छात्र जो शिमला में कमरा ले करके पढ़ाई करने में सक्षम नहीं है जिन्हें शिमला में कमरा लेकर के रहना काफी खर्चीला साबित हो रहा है काफी खर्चों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे छात्रों के लिए विश्वविद्यालय छात्रावास जल्द से जल्द खोला जाए ताकि छात्र अन्य खर्चों से मुक्त होकर के अपनी पढ़ाई कर सकें। उन्होंने विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की मांग भी उठाई उन्होंने कहा कि प्रदेश में केंद्रीय विश्वविद्यालय तरह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को भी छात्रवृत्ति प्रदान की जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय की खराब और सुस्त पड़ी ऑनलाइन प्रणाली को भी तंदुरुस्त करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय आज से लगभग 10 साल से ई आर पी व्यवस्था का उपयोग कर रहा है लेकिन अभी तक यह दुरस्त नहीं हो पाया है और अनेकों समस्याओं का सामना छात्रों को करना पड़ रहा है, जैसे छात्रों का फॉर्म भर पाना या छात्रों की फीस सबमिट ना हो पाना, जैसी अनेक समस्याएं खराब ई आर पी की वजह से छात्रों को झेलनी पड़ रही है जो छात्रों के लिए मानसिक तनाव का कारण बनी हुई है, इसलिए ई आर पी को तंदुरुस्त कर प्रगतिशील बनाया जाए। हिमाचल प्रदेश में विश्वविद्यालय कैंपस के अंदर छात्रों के लिए खेल परिसर की व्यवस्था भी की जाए । उन्होंने पंचायत सचिव और की भर्ती प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द शुरू करने की मांग रखी उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों से छात्र जिन्होंने पंचायत सचिव के लिए आवेदन कर रखा है लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की परीक्षा नहीं हुई इसलिए पंचायत सचिव की परीक्षा जल्द करा कर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए । इसके साथ साथ प्रदेश विश्वविद्यालय में नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को भी शुरू किया जाए।
    उन्होंने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रमुख पंक्ति में रखते हुए छात्र संघ चुनावों को बहाल करने की मांग उठाई उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में छात्र अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति सजग और सचेत है। छात्र संघ चुनावों को बंद करके पिछली सरकारों ने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने का काम किया है इसलिए छात्रों को छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को प्राप्त करने के लिए छात्र संघ चुनाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसलिए छात्र संघ चुनावों को बहाल किया जाए। ताकि विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक वातावरण बना रहे।

     

  • एपीजी शिमला विश्वविद्यालय एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज में शामिल होने वाला विश्वविद्यालय बना

    एपीजी शिमला विश्वविद्यालय एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज में शामिल होने वाला विश्वविद्यालय बना

     

    डिग्रीज का मूल्यांकन व वेरिफिकेशन के लिए विश्वविद्यालय एसोसिएशन से जुड़ने के लिए एपीजी शिमला विश्वविद्यालय का सराहनीय कदम, एपीजी के विशेष अकादमिक सत्र के दौरान बोलीं एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज की महासचिव डॉ. पंकज मित्तल

    स्थानीय अलख प्रकाश गोयल (एपीजी) विश्वविद्यालय अब भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों के संगठन व एसोसिएशन में शामिल हो गया है।

    शुक्रवार को एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी के नए-पुराने छात्र-ओरिटीएशन व अकादमिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहीं एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज की महासचिव डॉ. पंकज मित्तल और एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश कुमार चौधरी ने छात्रों और शिक्षको को वीडियो-कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से अवगत करवाया कि अब एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रमों, मानकों और क्रेडिट मूल्यांकन से लेकर छात्रों की डिग्रीज का ऑनलाइन मूल्यांकन व सर्टिफिकेशन करेगा ताकि डिग्रीज की मौलिकता बनी रहे और छात्रों-अभिभावकों को डिग्रीज को लेकर किसी प्रकार का संशय न हो। वहीं इस कार्यक्रम के दौरान एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. रजत माथुर इस कार्यक्रम के वशिष्ट अतिथि रहे। छात्र-ओरिटीएशन कार्यक्रम में छात्रों को स्वागत करते हुए कुलपति प्रो. रमेश चौधरी ने कहा कि एपीजी शमला विश्वविद्यालय छात्र-हित और समाज हित में ईमानदारी से काम कर रहा है, उन्होंने अपने कड़े संदेश में नसियत देते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व बिना ठोस तथ्यों के आधार पर एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के खिलाफ आये दिन झूठी खबरें फैला रहे हैं जो छात्र-हित व समाज हित में नहीं है। कुलपति चौधरी ने यह विश्वास दिलाया कि विश्वविद्यालय में किसी प्रकार का कोई फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है और अब एपीजी शिमला विश्वविद्यालय यूजीसी की पाठ्यक्रम व छात्र-डिग्रीज का सर्टिफिकेशन करने वाली एजेंसी एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज से जुड़कर सभी प्रकार के झूठे व तथ्यहीन आरोपों के लिए अब कोई जगह नहीं हैं और किसी भी वक़्त डिग्रीयों की एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के माध्यम से ऑनलाइन सर्टिफिकेशन करवा सकते हैं। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज की महासचिव डॉ. पंकज मित्तल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज भारतीय विश्वविद्यालयों के एक संगठन है जो विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों, मानकों, क्रेडिट का मूल्यांकन और भारतीय विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान किये जाने वाले विभिन्न पाठ्यक्रमों के संबंध और डिग्रियों को समान करता है और उनका सत्यापन के साथ-साथ सर्टिफिकेशन भी करता है। डॉ’. पंकज मित्तल ने कहा कि एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज भारत और अन्य देशों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में निष्पादित सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के तहत हस्ताक्षरित समझौतों के लिए एक कार्यन्वयन ऐजेंसी भी है, यह विभिन्न पाठ्यक्रमों व डिग्रीयों का मूल्यांकन के साथ उनका वेरिफिकेशन व सर्टिफिकेशन भी करती है।

    डॉ. पंकज मित्तल ने एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी के छात्रों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि एपीजी शिमला विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक प्रयासों में खरा उतरा है औऱ ऑनलाइन पढ़ाई करवाने में इस कोविड19 के दौर में भी डिजीटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर बेहतर साबित किया है जिसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन, आचार्य, छात्र बधाई के पात्र हैं।

    इस अवसर पर एपीजी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. आर.के. कायस्थ, परीक्षा नियंत्रक ज्योत्सना गौतम, डीन एकेडेमिक्स प्रो. कुलदीप कुमार, पत्रकारिता विभाग के डीन प्रो.रमेश चौहान, डॉ. अंजलि शर्मा , विभिन विभागों के विभागाध्यक्ष और आचार्य उपस्थिति रहे।