हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में जहाँ विपक्ष सदन में सरकार को ज्वलंत मुद्दों पर घेरेगा वहीं सरकार उन मुद्दो पर चर्चा करेंगी।
प्रदेश में कोरोना और इन्वेस्टर्स मीट के बाद प्रदेश में निवेश को लेकर सरकार पर तीखा हमला करने के लिए विपक्ष तैयारी कर चुका है। जयराम सरकार का चौथा बजट सत्र शुक्रवार से शुरू होगा। इसकी शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। प्रश्नकाल के लिए विधायकों के करीब 900 सवाल विधानसभा सचिवालय को मिल चुके हैं। ये सड़क, बिजली, पानी, कानून-व्यवस्था आदि तमाम मुद्दों पर हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार राज्य की कमजोर वित्तीय स्थिति और हर माह लिए जा रहे करोड़ों के ऋण पर विपक्ष सरकार को सदन में निशाने पर रखेगा।
कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग में हुए घपलों और स्वास्थ्य संस्थानों में कुप्रबंधन पर भी तेवर तीखे रहेंगे। कोरोना काल में सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे हैं। यह मुद्दा भी सदन में गरमाएगा। बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया जाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों और स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों के कारण काम काफी हद तक प्रभावित हुआ है। इस मसले को लेकर भी सरकार को विपक्ष घेरे रखेगा।
नशा माफिया और अवैध खनन के मुद्दे भी गरमाएंगे। राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार को निशाने पर रखा जाएगा। दूसरी ओर, भाजपा विधायक दल भी मुंहतोड़ जवाब देने की रणनीति बनाएगा। बजट सत्र के पहले दिन शनिवार को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। सोमवार को आठ शोकोद्गार प्रस्ताव रखे जाएंगे।








