शिमला
राजधानी शिमला में AI समिट विरोध प्रदर्शन से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर Delhi Police और Himachal Pradesh Police के बीच बड़ा टकराव देखने को मिला। मामले में अब Sukhvinder Singh Sukhu सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है।
बताया जा रहा है कि दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के दौरान हुए कथित शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के मामले में Indian Youth Congress से जुड़े तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम शिमला पहुंची थी। आरोप है कि टीम ने स्थानीय पुलिस को पूर्व सूचना दिए बिना कार्रवाई की और आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हो गई।
इस पर हिमाचल पुलिस ने आपत्ति जताते हुए कार्रवाई को प्रक्रिया विरुद्ध बताया और रास्ते में दिल्ली पुलिस की टीम को रोक लिया। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान एफआईआर दर्ज की गई और कई घंटों तक दोनों राज्यों की पुलिस के बीच कानूनी स्थिति को लेकर असमंजस बना रहा।
मामला अदालत तक पहुंचा, जहां ट्रांजिट रिमांड को लेकर सुनवाई हुई। अंततः कोर्ट की अनुमति के बाद दिल्ली पुलिस आरोपियों को अपने साथ ले जाने में सफल रही।
राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि हिमाचल पुलिस ने कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की और राज्य के अधिकार क्षेत्र का पालन सुनिश्चित किया। वहीं विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है।
राजनीतिक रंग ले चुके इस प्रकरण ने अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय और कानूनी प्रक्रिया पर नई बहस छेड़ दी है।






