प्रदेश हाईकोर्ट ने जेओए आईटी पेपर लीक मामले के अन्य आरोपित तत्कालीन हिमाचल प्रदेश स्टाफ सलेक्शन कमीशन कार्यालय हमीरपुर में रहे चपरासी किशोरी लाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने मामले की गंभीरता और प्रार्थी पर लगे आरोपों की जांच से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने के पश्चात प्रार्थी किशोरी लाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
चपरासी किशोरी लाल पर दो कैंडिडेट की ओएमआर शीट (आंसर-शीट) में टेम्परिंग करने का आरोप है। मामले के अनुसार तत्कालीन हिमाचल प्रदेश स्टाफ सलेक्शन कमीशन में चपरासी रहे मदन लाल और किशोरी लाल पर आरोप है कि उन्होंने विशाल चौधरी और दिनेश कुमार को परीक्षा में पास करने के मकसद से ओएमआर शीट से छेड़छाड़ की। विजिलेंस ने अपनी जांच में छेड़छाड़ के सबूत भी जुटाए हैं।
जेओए आईटी पोस्ट कोड 939 की परीक्षा बीते साल 24 अप्रैल को हुई थी। स्टेट विजिलेंस ने जेओए आईटी पोस्ट कोड 965 की 24 दिसंबर 2022 को एफआइआर दर्ज कर रखी है। इसी मामले की जांच के दौरान अन्य पोस्ट कोड में भी पेपर लीक के खुलासे हो रहे हैं।
चपरासी किशोरी मामले की अन्य आरोपी उमा आजाद की ब्रांच में काफी समय से था। प्रार्थी के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420, 465, 468, 471 और 120 बी के तहत पुलिस स्टेशन सतर्कता हमीरपुर में मामला दर्ज किया गया है।








