शिमला:
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि हिमकेयर योजना के तहत स्वास्थ्य संस्थानों के लंबित बिलों का भुगतान 25 मार्च से पहले हर हाल में जारी किया जाए। अदालत ने कहा कि स्वीकृत दावों का समय पर निपटारा न होने से निजी अस्पतालों और अन्य सूचीबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे मरीजों की सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि हिमकेयर योजना के अंतर्गत किए गए उपचार के बिल लंबे समय से लंबित हैं। भुगतान में देरी के कारण अस्पतालों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है और कई संस्थानों के लिए योजना के तहत सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो रहा है। इस पर अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से जवाब तलब किया।
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन दावों की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और जो स्वीकृति की प्रक्रिया से गुजर चुके हैं, उनका भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है, इसलिए प्रशासनिक देरी से योजना की भावना को आघात नहीं पहुंचना चाहिए।
कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि वह भुगतान प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करे और भविष्य में इस प्रकार की देरी न हो, इसके लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करे। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी, जिसमें अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।






