दिल्ली
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों अंदरखाने हलचल तेज होती नजर आ रही है। तीसरे मोर्चे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में एक भाजपा नेता के साथ गुप्त डिनर मीटिंग की खबर सामने आने से सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे दिल्ली में भाजपा नेता के आवास पर गुप्त तरीके से हुई। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के तीनों वरिष्ठ नेता अलग-अलग गाड़ियों में वहां पहुंचे और करीब डेढ़ से दो घंटे तक चली इस बैठक में प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात और संभावित समीकरणों पर लंबी चर्चा हुई। बैठक के बाद डिनर भी साथ किया गया।
सूत्रों का दावा है कि ये तीनों नेता कांग्रेस के ऐसे दिग्गज हैं जो अलग-अलग सरकारों में मंत्री रह चुके हैं और संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अपने-अपने क्षेत्रों से कई बार चुनाव लड़ चुके है और विधानसभा चुनाव भी जीते है पर अब सुक्खू सरकार की अनदेखी के कारण खुद को हाशिये पर महसूस कर रहे हैं। इसलिए यह एक गुप्त डिनर करा गया ।
दिलचस्प बात यह भी सामने आई है कि इस बार दिल्ली दौरे के दौरान इन नेताओं ने न तो हिमाचल सदन में ठहरना पसंद किया और न ही हिमाचल भवन में। सूत्रों के अनुसार, तीनों नेता दिल्ली के बाहर एक फार्महाउस में ठहरे थे, जहां से इस पूरी मुलाकात की रणनीति तैयार की गई थी । बताया जा रहा है कि इसी फार्महाउस से भाजपा नेता के साथ बैठक की व्यवस्था भी करवाई गई।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश में तीसरे मोर्चे को लेकर हलचल लगातार बढ़ रही है और कई जिलों में संपर्क अभियान भी तेज कर दिया गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी कहा था कि “जिसे तीसरे मोर्चे में जाना है, वह जा सकता है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर इस तरह की अंदरखाने बैठकों का सिलसिला जारी रहता है तो आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल सकते हैं। फिलहाल इस गुप्त मुलाकात ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं और सियासी गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है।



