सीएचसी में चिकित्सकों के पद भरने की स्थानीय पंचायत ने की मांग
शिमला 30 अगस्त । बीते करीब दो मास से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटी में चिकित्सक न होने से अस्पताल आने वाले रोगियों को भारी परेशानी पेश आ रही है । रोेगियों को अपने उपचार के लिए जुन्गा अथवा शिमला जाना पड़ रहा है । बीएमओे द्वारा पीएचसी ट्रहाई से चिकित्सक को हफ्ते में एक दिन इस स्वास्थ्य केद्र में डियूटी देने के आदेश किए गए हैं । चिकित्सक के नाम पर अस्पताल में एक दंत चिकित्सक हैं ।
ग्राम पंचायत कोटी की प्रधान प्रतिभा शर्मा, उप प्रधान बालकृष्ण ठाकुर, वार्ड सदस्य दीक्षा, पूर्व प्रधान रमेश शर्मा, राजाराम, अरविंद शर्मा सहित अनेक लोगों ने रविवार को जारी बयान में कहा कि सीएचसी कोटी में मेडिसन के चिकित्सक के दो पद स्वीकृत है जिनमें एक पद करीब दो वर्षों से रिक्त पड़ा है और एक पद बीते दो माह से चिकित्सक के अवकाश पर चले जाने से रिक्त हुआ है । इनका कहना है कि क्षेत्र की करीब सात पंचायतों का यह एक मात्र स्वास्थ्य केंद्र है । इस स्वास्थ्य केद्र में एक पद फार्मास्सिट और एक पद स्टाफ नर्स का रिक्त पड़ा है । एक्सरे की सुविधा न होने से मरीजों को एक्सरे करवाने जुन्गा अथवा शिमला जाना पड़ता है ।
प्रधान प्रतिभा शर्मा ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री ने कोटी में कॉलेज के नए भवन के उद्घाटन के अवसर पर सीएचसी कोटी में दस बिस्तर का प्रावधान तथा 108 नेशनल एंबुलेंस प्रदान करने की घोषणा की गई थी जोकि आज तक पूरी नहीं है जिससे लोगों में सरकार के प्रति बहुत निराशा है ।
इनका कहना है कि इस अस्पताल मंे प्रतिदिन औसतन 50 से 60 रोगी ओपीडी में आते है पंरतु चिकित्सक न होने से रोगियों को निराष लौटना पड़ता है । उन्होने बताया कि क्षेत्र में यदि अचानक कोई घटना हो जाती है तो इस अस्पताल में आपातकालीन स्थिति में फर्स्ट एड के लिए भी सुविधा उपलब्ध नहीे है । स्थानीय पंचायत ने सरकार से अस्पताल में चिकित्सक सहित अन्य सभी पदों को भरने की मांग की है ।
खंड चिकित्सा अधिकारी मशोबरा डॉ0 राकेश गोयल ने बताया कि अवकाश पर गई चिकित्सक शीघ्र ही डियूटी पर आ जाएगी ।











