शिमला 16 अक्टूबर। क्योंथल कॉन्वेंट स्कूल, जुन्गा में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता एवं टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निर्धारित आयु वर्ग के विद्यार्थियों का टीकाकरण किया। साथ ही, विद्यार्थियों को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक एवं मानसिक बदलावों, मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में हेल्थ एजुकेटर प्रवीण कुमार तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) पूनम ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। उन्होंने किशोरावस्था के दौरान होने वाले बदलावों को सहजता से समझने, मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने और नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहने के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान आशा कार्यकर्ता पूनम और अंजू ने भी कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। कार्यक्रम में कक्षा छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रधानाचार्य एम.के. शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना भी आवश्यक है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनाने और उनके सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में हेल्थ एजुकेटर प्रवीण कुमार तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) पूनम ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। उन्होंने किशोरावस्था के दौरान होने वाले बदलावों को सहजता से समझने, मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने और नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहने के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान आशा कार्यकर्ता पूनम और अंजू ने भी कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। कार्यक्रम में कक्षा छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रधानाचार्य एम.के. शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना भी आवश्यक है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनाने और उनके सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


