कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता व शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान ने जेसीसी बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की घोषणाओं को आईवाश करार दिया है। उन्होंने सरकार से मान्यता प्राप्त अश्विनी ठाकुर के नेतृत्व वाले कर्मचारी महासंघ को माइनॉरिटी ग्रुप करार दिया है। बैठक के बाद से प्रदेश में अराजकता पैदा हो गई है। कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार पुलिस कर्मियों ने मुख्यमंत्री आवास तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और अनुबंध को समाप्त करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिले। भले ही पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में अनुबंध लागू हुआ लेकिन वर्तमान सरकार अपने 4 वर्ष के कार्यकाल में इन कर्मचारियों को राहत प्रदान कर सकती थी।
उन्होंने सरकार पर कोर्ट में जेबीटी प्रशिक्षुओं के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया है। प्रदेश में हालत यह हो गई है कि भाजपा की विचारधारा वाले भारतीय मजदूर संघ भी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर गए हैं। शिमला में प्रदर्शन कर रहे भामसं के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज तक किया गया। एचआरटीसी में पीसमील कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपनी ही सरकार की शिक्षा नीति के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। इस सरकार में जब अपने ही लोगों के काम नहीं हो रहे तो आम आदमी की क्या स्थिति होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को अब छठा वेतन आयोग दिया है जबकि पंजाब में यह 6 माह पूर्व दिया जा चुका है। यह वेतन आयोग वर्ष 2016 से देय था लेकिन उपचुनाव में चारों सीटें हारने के बाद अब सरकार को वेतनमान देने की याद आई। अनुबंध काल को 2 वर्ष कर सरकार ने कोई बड़ा काम नहीं किया है। वर्ष 2017 में हुए विस चुनाव में यह भाजपा के घोषणा पत्र में था लेकिन इसे लागू करने में भी 4 वर्ष लग गए। सरकार ने आऊटसोर्स कर्मचारियों को लेकर कोई पॉलिसी नहीं बनाई।
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही करीब 28 हजार आऊटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध पर लाया जाएगा। पुरानी पैंशन को लेकर जेसीसी की बैठक में कोई निर्णय नहीं हुआ। भाजपा उपचुनाव में हार के अंतर को एक फीसदी बता रही है जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा करीब 5 फीसदी के अंतर से चुनाव हारी है। जुब्बल-कोटखाई में भाजपा प्रत्याशी को करीब अढ़ाई हजार वोट मिले और जमानत भी जब्त हो गई। कांग्रेस 3 विधानसभा सीटें जीतने के साथ मंडी संसदीय क्षेत्र का चुनाव ही नहीं जीती बल्कि 17 में से 9 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त लेने में भी कामयाब रही।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कह रहे हैं कि वर्ष 2022 में सत्ता का फाइनल भाजपा ही जीतेगी लेकिन उन्हें यह मालूम नहीं है कि जो टीम सैमीफाइनल जीती है वही फाइनल जीतेगी।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र सेठी, नगर निगम की मेयर पूनम ग्रोवर, प्रदेश प्रवक्ता कुशल जेठी व अमन सेठी, जिला महामंत्री रोहित शर्मा, जिला महामंत्री विनय शर्मा व पार्षद सरदार सिंह ठाकुर सहित कई नेता उपस्थित थे।










