बिना कोचिंग से प्रथम प्रयास में क्रेक की सीडीएस परीक्षा
शिमला 30 दिसंबर । होनहार बीरवान के होत चिकने पात वाली कहावत रजत वर्मा पर सटीक बैठती है जिन्होने बिना किसी कोचिंग के प्रथम प्रयास में राष्ट्रीय स्तर की संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) की परीक्षा क्रेक करके राष्ट्रीय स्तर पर 43वां हासिल किया है । इन्होने सीडीएस की परीक्षा उतीर्ण करके अपने माता पिता व समूची जुन्गा तहसील का गौरव बढ़ाने के साथ साथ एक कीर्तिमान स्थापित किया है । रजत वर्मा अब भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट अपनी सेवाएं आरंभ करेगंे । रजत की इस उपलब्धि से समूचे क्षेत्र में खुशी की लहर है और इनके माता पिता को बधाईयां देने का तांता लगा हुआ है । रजत ने बताया कि सेना से आदेश मिलने पर अब वह ऑफिसर ट्रेनिग अकादमी चैन्नई में प्रशिक्षण करने जाएंगे ।ं सबसे अहम बात यह है कि जुन्गा तहसील से रजत शर्मा पहले सेना अधिकारी बने हैं ।
गौर रहे कि रजत वर्मा का जन्म वर्ष 28 दिसंबर 2002 को मशोबरा ब्लॉक की अंतिम छोर के गांव पीरन में हुआ । इनके पिता खजान सिंह वर्मा शिक्षा विभाग में अध्यापक के पद पर कार्यरत है जबकि माता शकुंतला वर्मा एक सफल गृहिणी है । रजत के लिए नया वर्ष प्रसन्नता व उमंग लेकर आया है । इन्होने नर्सरी से लेकर 12वीं तक की शिक्षा सेंट एडवर्ड स्कूल शिमला से उतीर्ण की है । तदोपरांत रजत ने में बीए ( अर्थशास्त्र ) में डिग्री कॉलेज सोलन से उतीर्ण की है । कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान रजत एनएसीसी में बतौर अंडर ऑफिसर सक्रिय रूप से कार्यरत रहे । जिसके फलस्वरूप इन्हें दो बार दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ । इस दौरान इन्हें डीजीएनसीसी मैडल से भी विभूषित किया गया ।
रजत वर्मा ने बताया कि उन्हें स्कूल टाइम से ही वर्दी पहनने और सेना में राष्ट्र सेवा का जनून था चूंकि उनके स्कूल से काफी युवा सेना में अधिकारी बनकर सेवाएं दे रहे हैं । इन्होने बताया कि उन्होने इस परीक्षा पास करने के लिए कोई कोचिंग नहीं ली बल्कि स्वंय की इंटरनेट के माध्यम से तैयारी करते रहे । उन्होने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता के अलावा अपने ताया रिटायर्ड बैंक मेनेजर मोहन वर्मा और बुआ रिटायर्ड अनुभाग अधिकारी हाईकोर्ट शिमला शिक्षा ठाकुर को दिया है जिनके मार्गदर्शन में उन्होने बचपन से शिमला में शिक्षा ग्रहण की है । इसके अतिरिक्त रजत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दोस्त अनुराग ठाकुंर, अंकित राणा और विनय शर्मा को दिया है । रजत वर्मा युवापीढी के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बनकर उभरे हैं ।










