गैर-कृषि कारोबार, बिजनेस प्लान और बैंक ऋण की प्रक्रिया की दी जानकारी
शिमला 27 सितंबर। हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विकास खंड कार्यालय मशोबरा में उद्यमिता विकास कार्यक्रम पर कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस तीन दिवसीय कार्यशाला में क्षेत्र के 30 ग्रामीण उद्यमियों महिलाओं ने भाग लिया। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला समाज शिक्षा आयोजिका ललिता कुमारी ने की ।
उन्होने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं एवं उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करवाकर उन्हें आत्मनिर्भर उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। उन्होने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को गैर-कृषि आधारित उद्यम शुरू करने और उन्हें सफलतापूर्वक संचालित करने से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इसके अलावा व्यवसाय की रूपरेखा तैयार करने, बिजनेस प्लान बनाने, बाजार की आवश्यकता को समझने, वित्तीय प्रबंधन तथा उद्यम के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई।
ललिता कुमार ने बताया कि प्रतिभागियों को बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया, ऋण के लिए आवश्यक दस्तावेजों और वित्तीय संस्थानों से जुड़ी औपचारिकताओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षण में ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध अवसरों की पहचान कर उन्हें छोटे एवं टिकाऊ व्यवसायों में बदलने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के संबंध में फीडबैक लिया तथा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध अवसरों का बेहतर उपयोग कर छोटे स्तर पर उद्यम शुरू किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए इसे स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
मशोबरा में 30 महिलाओं ने सीखे उद्यमिता के गुर

