शिमला, 25 जुलाई। सिविल अस्पताल जुन्गा में शनिवार को आशा वर्करों की क्षेत्रीय स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता चिकित्सा प्रभारी डॉ. मनोज वर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आशा वर्कर भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुदृढ़ हो रही हैं।
डॉ. मनोज वर्मा ने आशा वर्करों को निर्देश दिए कि वह बरसात के मौसम में लोगों को गंदगी से फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने विशेष रूप से डायरिया, स्क्रब टाइफस, हैजा तथा अन्य संक्रामक रोगों के लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि लोगों को हमेशा उबला हुआ या स्वच्छ पानी पीने, कच्चे तथा अत्यधिक पके हुए फलों के सेवन से बचने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही पीलिया, मधुमेह, टीकाकरण, उच्च रक्तचाप तथा विशेष रूप से क्षयरोग (टीबी) उन्मूलन के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाई जाए।
डॉ. वर्मा ने आशा वर्करों से कहा कि वे लोगों को पानी की टंकियों की नियमित सफाई, पेयजल का क्लोरीनीकरण तथा समय-समय पर पानी में ब्लीचिंग पाउडर डालने के महत्व के बारे में भी जागरूक करें, ताकि जलजनित बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ट्राई की चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा, डुब्लू स्वास्थ्य उपकेंद्र की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) रानी ठाकुर सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से आई आशा वर्करों ने भाग लिया।









