जुन्गा विद्युत उपमंडल में विभिन्न श्रेणियों के 21 पद रिक्त
शिमला, 11 अगस्त। जुन्गा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि जुन्गा तथा आसपास की पंचायतों से प्रतिदिन बिजली आपूर्ति बाधित होने संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए कई बार विद्युत बोर्ड के उच्च अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्रवासियों को नियमित और सुचारु बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण आम लोगों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी कार्यालयों का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। उन्होने विद्युत बोर्ड के अधिकारियों को बिजली की लाईनों को दुरूस्त करने के आदेश दिए ।
तहसीलदार ने बताया कि बिजली न होने से तहसील कार्यालयों में भू-राजस्व संबंधी कार्यों के निपटारे में बाधा उत्पन्न होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मोबाइल फोन एवं अन्य विद्युत उपकरणों को चार्ज करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक विद्युत उपमंडल जुन्गा में विभिन्न श्रेणियों के कुल 21 पद रिक्त पड़े हैं, जिसके कारण क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। उपमंडल के अंतर्गत स्थापित 139 विद्युत ट्रांसफार्मरों की देखरेख का दायित्व वर्तमान में केवल सात फील्ड कर्मचारियों पर है। कार्यालय स्टाफ की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। विद्युत बोर्ड कार्यालय जुन्गा में न तो कोई सेवादार तैनात है और न ही सफाई कर्मचारी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त कनिष्ठ अभियंता के चार पद, टी-मेट के 10 पद, एएलएम के तीन पद तथा वरिष्ठ सहायक और लिपिक का एक-एक पद रिक्त चल रहा है।
गौर रहे कि कर्मचारियों की कमी का असर विद्युत व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। किसी ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ने की स्थिति में फील्ड स्टाफ की कमी के कारण उसे बदलने में कई बार 12 घंटे या उससे अधिक समय लग जाता है।
इस बारे सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल जुन्गा ने बताया कि फील्ड स्टाफ के अधिकांश पद रिक्त होने के बावजूद भी क्षेत्र में सामान्य बिजली आपूर्ति बनाए रखने का हरसंभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने का मामला विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है ।










