कठिन प्रतिस्पर्धा में सफलता युवाओं की मेहनत और अभिभावकों के समर्पण का परिणाम, चिकित्सा क्षेत्र में सेवा और संवेदनशीलता को बनाएं जीवन का ध्येय
शिमला, 9 अगस्त।
सखी सहेली समूह द्वारा शिमला जिला से NEET परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के सम्मान में YWCA, माल रोड शिमला में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बृज सूद, अनीता सूद, मंजू सूद, श्वेता चौहान और कालपी शर्मा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा, प्रदेश सचिव कुसुम सदरेट और भाजपा जिला शिमला अध्यक्ष केशव चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजकों द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया तथा NEET परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
समारोह में पार्थ पंडित पुत्र राजीव पंडित, संचित छतवाल पुत्र तरुण छतवाल, वंशिका शर्मा पुत्री संजीव शर्मा, हर्ष पुत्र प्रदीप कुमार, गार्गी पुत्री रोशन लाल, सातव्य सूद, दीक्षा शर्मा, आरुषि कश्यप, नव्या कश्यप, रवीना चौधरी, सनविक चौहान, दैविक वर्मा, लविश श्रीवास्तव, प्रद्युम्न कौशल और शव्य को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि NEET जैसी कठिन और अत्यंत प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता हासिल करना विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस सफलता के पीछे माता-पिता और शिक्षकों का त्याग, मार्गदर्शन और सहयोग भी महत्वपूर्ण है, इसलिए इस उपलब्धि के वास्तविक भागीदार वे भी हैं।
उन्होंने कहा कि देश में मेडिकल शिक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया को एक समान और योग्यता आधारित बनाने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा महत्वपूर्ण व्यवस्था बनी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डॉक्टर बनना केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और मानवता की सेवा का बहुत बड़ा दायित्व भी है।
सुरेश भारद्वाज ने परीक्षा प्रणाली की शुचिता पर चर्चा करते हुए कहा कि पेपर लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों का इस्तेमाल लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के माध्यम से कठोर कानूनी प्रावधान किए हैं। संगठित अपराध की स्थिति में कानून में पांच से दस वर्ष तक की सजा और कम से कम एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति हमेशा परिवर्तन की वाहक रही है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक युवाओं ने हर दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शहीद भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों ने युवावस्था में ही राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर आने वाली पीढ़ियों के सामने आदर्श स्थापित किया। आज के युवाओं के सामने भी अपनी प्रतिभा और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाकर देश को आगे ले जाने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर उनके विचारों, आकांक्षाओं और नवाचार को महत्व दे रहे हैं। शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप, कौशल विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और अपने ज्ञान का उपयोग समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की सेवा में करें।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में कदम रखने वाले इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए यह सफलता मंजिल नहीं बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में यही विद्यार्थी चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा ज्ञान के साथ करुणा, संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवा भाव एक अच्छे चिकित्सक की सबसे बड़ी पहचान होनी चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों एवं आयोजकों ने भी सभी सफल विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिमला के युवाओं की ऐसी उपलब्धियां पूरे जिले और प्रदेश के लिए गौरव का विषय हैं तथा अन्य विद्यार्थियों को भी कठिन परिश्रम कर अपने लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा देती हैं।










