एसजेवीएन द्वारा शिवालिक इंस्‍टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज, भट्टाकुफर, संजौली, शिमला में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2021 के दौरान भाषण प्रतियोगिताओ का आयोजन

एसजेवीएन द्वारा सतर्कता सप्‍ताह-2021 के अवसर पर शिमला स्थित स्‍कूलों और कॉलेजों में आयोजित किए जा रहे विभिन्‍न कार्यक्रमों की कड़ी में एसजेवीएन द्वारा शिवालिक इंस्‍टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज, भट्टाकुफर, संजौली, शिमला में ‘स्‍वतंत्र भारत @75: सत्‍यनिष्‍ठा से आत्‍मनिर्भरता विषय पर अंग्रेजी तथा हिंदी में भाषण प्रतियोगि‍ता का आयोजन किया गया I

इस कार्यक्रम में मुख्‍य अतिथि के रूप में श्री शैलेन्‍द्र सिंह, महाप्रबंधक(मा.सं) सहित शिवालिक इंस्‍टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज, भट्टाकुफर, संजौली, की प्रिंसिपल डॉ.शमा लोहुमी तथा एमडी श्रीमती शोभा ठाकुर सहित एसजेवीएन लिमिटेड के राजभाषा अनुभाग की ओर से उप महाप्रबंधक (राजभाषा), श्रीमती मृदुला श्रीवास्‍तव  तथा सतर्कता विभाग से श्री अर्जुन नेगी, सहायक प्रबंधक(सतर्कता) उपस्थित थेI  कार्यक्रम की अध्‍यक्षता करते हुए मुख्‍य अतिथि श्री शैलेन्‍द्र सिंह ने एसजेवीएन के ऊर्जा उत्‍पादन के लक्ष्‍यों को स्‍पष्‍ट करने के साथ-साथ अपने निगम के सामाजिक दायित्‍वों पर भी प्रकाश डालाI उन्‍होंने कहा कि आत्‍म निर्भरता के अर्थ में हमारे देश की महिलाओं का आत्‍मनिर्भर होना बेहद आवश्‍यक हैI उन्‍होंने सतर्कता सप्‍ताह के दौरान उक्‍त विषय की सार्थकता सिद्ध करते हुए कहा कि सत्‍यनिष्‍ठा से आत्‍मनिर्भरता की ओर बढ़ते भारत ने चिकित्‍सा और विज्ञान के क्षेत्र में विशेष उन्‍नति की हैI कोविड-19 की संकटकालीन परिस्थितियों में भारत के नर्सिंग स्‍टॉफ तथा चिकित्‍सक ही वास्‍तविक वॉरियर्स थेI उन्‍होंने इस अर्थ में इंस्‍ट्टीच्‍यूट की सभी अध्‍ययनरत नर्सिंग विद्यर्थियों को बधाई दी और प्रधानाचार्य का विशेष धन्‍यवाद भी कियाI

उक्‍त प्रतियोगिता में श्री शैलेन्‍द्र सिंह, महाप्रबंधक(मा.सं)  के कर कमलों से क्रमशः सुश्री दीपिका को तीन हजार रूपए का प्रथम पुरस्कार,  सुश्री टविंक्‍ल को दो हजार पांच रूपए का द्वितीय पुरस्‍कार, सुश्री यामिनी को दो हजार रुपए का तृतीय पुरस्‍कार सहित पंद्रह सौ के पांच-पांच सांत्‍वना पुरस्‍कार क्रमश: सुश्री मंजू, दीक्षा,  हरिप्रिया , रूचिका तथा इतिका को प्रदान किए गए।  इसके अतिरिक्‍त प्रतियोगिता में प्रतिभागिता पुरस्‍कार के रूप में प्रत्‍येक विद्यार्थी को 200/- रुपए के पचीस पुरस्‍कार प्रदान किए गए।

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