ग्रामसभा की सूचना समय पर न मिलने से कम रही ग्रामीणों की उपस्थिति
पंचायत चौकीदारों की स्विफ्ट चैट से हाजरी लगाने की लोगों ने मांग
शिमला, 3 अक्तूबर। ग्राम पंचायत जुन्गा में प्रधान रामलाल की अध्यक्षता में ग्रामसभा की बैठक आयोजित की गई। निर्धारित कोरम पूरा न होने के कारण बैठक में कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं किया जा सका। ग्रामसभा के लिए 230 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक थी, जबकि 164 ग्रामीण ही बैठक में पहुंचे।
हालांकि बैठक में वीबीजी-रामजी योजना, नशामुक्ति अभियान और स्वच्छता सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। कोरम पूरा न होने के कारण इन विषयों पर औपचारिक प्रस्ताव पारित नहीं हो सके।
जुन्गा तहसील की 12 पंचायतों के बुद्धिजीवी वर्ग से जब इस बारे में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि ग्रामसभाओं की बढ़ती संख्या को भी बैठकों में कम भागीदारी का एक कारण माना जा रहा है। उनका कहना था कि लगातार ग्रामसभाएं होने के कारण कई बार लोगों की रुचि और भागीदारी कम हो रही है। बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है कि ग्रामसभाओं में गरीब व्यक्ति अपनी बात नहीं रख सकता है, जिसके चलते प्रधान और उपप्रधान व्यक्तिगत योजनाओं का आवंटन साधन-संपन्न लोगों को कर देते हैं।
दूसरी ओर, ग्रामीणों ने कम उपस्थिति के कारणों में ग्रामसभा की सूचना समय पर नहीं मिलने को भी प्रमुखता से बताया। उनका कहना था कि यदि पंचायत स्तर पर बैठक की सूचना समय रहते प्रत्येक परिवार तक पहुंचाई जाए तो अधिक ग्रामीण ग्रामसभा में भाग ले सकते हैं। पहले पंचायत चौकीदार द्वारा घर-घर सूचना पहुंचाने की व्यवस्था के कारण लोगों को बैठक में चर्चा किए जाने वाले विषयों की जानकारी भी मिल जाती थी। परंतु अब वार्ड सदस्य ग्रुप में संदेश डालकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर देते हैं।
लोगों ने बताया कि जिन पंचायतों में सचिवों के पद रिक्त हैं, ऐसी पंचायतों में चौकीदार महीने में केवल एक-दो बार पंचायत घरों में ड्यूटी देते हैं। लोगों ने पंचायत चौकीदारों की स्विफ्ट चैट से हाजिरी लगाने की मांग की है, ताकि कार्यालय समय में चौकीदार पंचायत घर में उपलब्ध रहे। लोगों ने ग्रामसभा की सूचना समय पर प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।
हालांकि बैठक में वीबीजी-रामजी योजना, नशामुक्ति अभियान और स्वच्छता सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। कोरम पूरा न होने के कारण इन विषयों पर औपचारिक प्रस्ताव पारित नहीं हो सके।
जुन्गा तहसील की 12 पंचायतों के बुद्धिजीवी वर्ग से जब इस बारे में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि ग्रामसभाओं की बढ़ती संख्या को भी बैठकों में कम भागीदारी का एक कारण माना जा रहा है। उनका कहना था कि लगातार ग्रामसभाएं होने के कारण कई बार लोगों की रुचि और भागीदारी कम हो रही है। बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है कि ग्रामसभाओं में गरीब व्यक्ति अपनी बात नहीं रख सकता है, जिसके चलते प्रधान और उपप्रधान व्यक्तिगत योजनाओं का आवंटन साधन-संपन्न लोगों को कर देते हैं।
दूसरी ओर, ग्रामीणों ने कम उपस्थिति के कारणों में ग्रामसभा की सूचना समय पर नहीं मिलने को भी प्रमुखता से बताया। उनका कहना था कि यदि पंचायत स्तर पर बैठक की सूचना समय रहते प्रत्येक परिवार तक पहुंचाई जाए तो अधिक ग्रामीण ग्रामसभा में भाग ले सकते हैं। पहले पंचायत चौकीदार द्वारा घर-घर सूचना पहुंचाने की व्यवस्था के कारण लोगों को बैठक में चर्चा किए जाने वाले विषयों की जानकारी भी मिल जाती थी। परंतु अब वार्ड सदस्य ग्रुप में संदेश डालकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर देते हैं।
लोगों ने बताया कि जिन पंचायतों में सचिवों के पद रिक्त हैं, ऐसी पंचायतों में चौकीदार महीने में केवल एक-दो बार पंचायत घरों में ड्यूटी देते हैं। लोगों ने पंचायत चौकीदारों की स्विफ्ट चैट से हाजिरी लगाने की मांग की है, ताकि कार्यालय समय में चौकीदार पंचायत घर में उपलब्ध रहे। लोगों ने ग्रामसभा की सूचना समय पर प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।
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