शिमला, 17 अगस्त
गेयटी हेरिटेज एंड कल्चरल कॉम्प्लेक्स शिमला में Poetic Atma Transforming India Foundation (PATIF) एवं GenInspire Foundation की ओर से भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश के सहयोग से ‘जश्न-ए-ऋगु—एक शाम हिन्दुस्तान के नाम’ काव्य सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार एस. आर. हरनोट ने की।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कवियों और शायरों ने प्रेम, प्रकृति, राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदना, सामाजिक सरोकार और भारतीय संस्कृति से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं। हिंदी कविता और उर्दू शायरी की साझा तहजीब ने कार्यक्रम को विशेष रंग दिया।
हिमाचल प्रदेश सरकार के विशेष सचिव, पर्यटन एवं वन आईएएस विजय कुमार विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने काव्य पाठ भी किया। इस अवसर पर आईएएस सुदेश मोख्टा, सचिव सहकारिता, हिमाचल प्रदेश, एपीआरओ शिमला अजय बनियाल तथा वी.के. अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
GenInspire Foundation की फाउंडर पैट्रन एवं प्रसिद्ध शायरा डॉ. इंदु गुप्ता ने भी कार्यक्रम को अपना संरक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया।
काव्य सम्मेलन में एस. आर. हरनोट, शम्स तबरेज़ी, राजीव रियाज़ प्रतापगढ़ी, राजबीर सिंह, डॉ. जतिंदर परवाज़, डॉ. इंदु गुप्ता, सरिता जैन, डॉ. मनोज कामदेव, कार्तिक शर्मा, अनु मिश्रा, सोनिया कंवल, सलील शमशेरी और स्नेह नेगी सहित अनेक रचनाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम की निज़ामत जाने-माने शायर एवं साहित्यिक आयोजक अभिषेक तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में निहित है। भाषाएं और अभिव्यक्ति के रंग अलग हो सकते हैं, लेकिन भारतीय संवेदना और आत्मा एक है। उन्होंने कहा कि साहित्य दिल से दिल, भाषा से भाषा और संस्कृति से संस्कृति को जोड़ने वाला सेतु है।
आयोजकों के अनुसार, ‘जश्न-ए-ऋगु’ का उद्देश्य साहित्य को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर उसे सामाजिक संवाद, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्रीय एकता का माध्यम बनाना है। भविष्य में इस आयोजन को देश के अन्य शहरों तक ले जाने की योजना है।
कार्यक्रम के मीडिया पार्टनर देव भूमि हिमकला मंच रहे। आयोजन का संदेश रहा कि कलम, भाषा और अभिव्यक्ति के रंग भले अलग हों, लेकिन भाव एक है—हम सब भारतीय हैं।











