हिमाचल का यह किला राजपूत और मुगलई शैलियों के मिश्रण के साथ बना है

हिमाचल का किला जो कि राजपूत और मुगलई शैलियों के मिश्रण के साथ बना है। यह किला अर्की के सोलन जिला में स्थित है । इस किले की संरचना यहाँ आने वाले लोगों को अपनी सुंदरता से प्रभावित करती है।

राणा पृथ्वी सिंह द्वारा बनवाया गया था और अब इसे एक हेरिटेज होटल में बदल दिया गया है। आपको बता दें कि यह किला रक्तपात के इतिहास से भरा और उन लड़ाइयों का गवाह है जहाँ गोरखाओं ने अपनी वीरता और शौर्य का प्रदर्शन किया था।

इस किले का निर्माण वास्तुकला के राजपूत और मुगलई शैलियों के मिश्रण के साथ बनाया गया था और यह राजस्थानी सौंदर्यशास्त्र से भी प्रभावित है। सुंदर चित्रों से सुसज्जित जो पहाड़ी शैली की कला के संस्करणों को बताते हैं। अर्की किला इस शहर का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है अगर आप अर्की किला घूमने के बारे में विचार बना रहें हैं तो इस लेख को जरुर पढ़ें इसमें हम आपको अर्की किले के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहें हैं।

इतिहास अर्की किला की 

अर्की बाघल रियासत की राजधानी थी, जिसकी स्थापना राजपूत राणा अजय देव ने की थी। इस राज्य की स्थापना 1643 के आसपास हुई थी और अर्की को 1650 में राणा सभा चंद ने अपनी राजधानी घोषित किया था। अर्की किले को अब एक होटल में बदल दिया गया है जो यात्रा करने के लिए बेहद सुंदर है। अर्की का किला 1800 और 1805 के बीच राणा पृथ्वी सिंह ने बनवाया था जो कि सभा चंद के वंशज थे। 1806 में गोरखाओं ने इस किले पर कब्जा कर लिया था। 1815-1816 में गोरखा युद्ध के दौरान सर डेविड ओचर्टलोनी और ब्रिटिश सेना द्वारा सहायता प्राप्त राणा जगत सिंह ने इस किले पर अधिकार कर लिया था। राणा किशन सिंह, जिन्होंने 1840 से 1867 तक किले पर राज किया और योजनाबद्ध तरीके से अर्की शहर का विकास किया।

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