ऑल इंडिया में 27वां और राज्य में पहला रैंक पाने वाले उज्ज्वल की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी

मैथ्स में मेरा शुरू से ही इंट्रेस्ट रहा। 7वीं में था तो क्लास रूम में टीचर पढ़ा रही हाेती थी ताे मैं सबसे पीछे वाले डेस्क पर बैठकर नाैवीं और दसवीं की किताब से क्वेश्चन साॅल्व करता था। मैंने तभी साेच लिया था कि आगे नाॅन मेडिकल लेकर इंजीनियरिंग स्ट्रीम में जाऊंगा। भाई जयंत मेहता ने मेडिकल एंट्रेस में ऑल इंडिया 49 रैंक हासिल किया। उसने भी घर से बाहर रहकर ही तैयारी की थी।

मैंने एमएनसी पेंट कंपनी में फाइनांस मैनेजर पिता नवीन कुमार मेहता और मां सीमा मेहता के सामने इच्छा जाहिर की कि काेचिंग के लिए बाहर जाना चाहता हूं। भाई ने भी सहयाेग किया कि कॅरियर का सवाल है, इसे बाहर जाने दीजिए।’ यह बात जेईई मेंस में ऑल इंडिया 27वां और स्टेट में पहला रैंक पाने वाले उज्ज्वल मेहता ने शनिवार को कही। मैं एपीजे महावीर मार्ग से 9वीं पास करने के बाद पटियाला आ गया।

यहां प्रीमियर पब्लिक स्कूल से 10वीं व अपोलो पब्लिक स्कूल से 12वीं की। दूसरे शहर में आकर एडजस्ट होने में एक साल लग गया, लेकिन मेरा फाेकस पढ़ाई पर था। अपने कपड़े खुद धोना और सफाई आदि करना रुटीन में शामिल हो गया। घर की याद तो आती थी लेकिन साढ़े 3 साल में मैं सिर्फ 5 बार ही घर गया। मम्मी-पापा काे भी मैंने बार-बार मिलने आने के लिए मना किया था।

चूंकि मुझे पढ़ने के लिए पूरा फाेकस करना था और उनके आने पर मेरा टाइम खराब न हाे, इसलिए वे जब भी कहते कि बेटा मिलने आना है तो मैं उन्हें मना कर देता था। मेरा मानना था कि 3-4 साल डटकर पढ़ाई कर लूं। परिवार ताे वहीं रहेगा, उनसे बाद में मिल लूंगा। वे साल में एक या दाे बार सिर्फ जरूरी सामान देने ही मेरे पास आते। कई बार मन करता था कि जाकर मिल आऊं लेकिन फिर फाेन पर ही बात कर लेता था।

सक्सेस मंत्रा : रोज 6 से 7 घंटे पढ़ाई की
मैंने रूटीन में 6 से 7 घंटे पढ़ाई की। स्टडी का ज्यादा स्ट्रेस नहीं लिया। हर चीज को चैलेंज की तरह लिया और आगे बढ़ता गया। दाेस्ताें के साथ मूवी देखने भी जाता रहा। हर रविवार काे बैडमिंटन भी खेला। एनटीएसई व केवीपीवाय स्काॅलर भी रहां। लाॅकडाउन में सिर्फ 1 माह के लिए ही घर आया था, फिर पटियाला चला गया। जनवरी राउंड में मेरे अंक अच्छे आ गए थे इसलिए मैंने जेईई मेन सितंबर राउंड नहीं दिया। बल्कि जेईई एडवांस की तैयारी में जुट गया था।

पटियाला के कुशाग्र का 82वां रैंक, रोज करते हैं 5 घंटे तक पढ़ाई

पटियाला के कुशाग्र खरबंदा ने ऑल इंडिया 82 रैंक, शुभ करमन सिंह ने ऑल इंडिया 193 रैंक, रोहन कौशल ने 259 ऑल इंडिया रैंक, यतिन सिंगला ने 569 रैंक हासिल की है। कुशाग्र खरबंदा ने बताया कि वह रोजाना कोचिंग और स्कूल के अलावा घर में 4 से 5 घंटे स्टडी करते थे जो स्कूल और कोचिंग में पढ़ाया जाता उसको रिवीजन जरूर करते हैं।

बताया कि वह खाली समय में इंडोर गेम्स जैसे बैंडमिटन, टेबल टेनिस खेलना पसंद करते हैं। वहीं वह सोशल मीडिया से दूर रहते हैं। स्टडी के लिए वह मोबाइल का जरूर उपयोग करते हैं। बताया कि अब वह जेईई एडवांस की तैयारी में जुटे हैं और पहली पसंद आईआईटी बॉम्बे है।

फिरोजपुर के सिद्धार्थ चौधरी ने हासिल किए 99.8 परसेंटाइल
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा करवाए गए जेईई मेंस में डीसी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 8 विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जहां जिले में अव्वल रहे हैं। हेड सीनियर सेकेंडरी ललित मोहन गुप्ता ने बताया कि स्कूल के विद्यार्थी सिद्धार्थ चौधरी ने 99.8 परसेंटाइल हासिल कर स्कूल व जिले का नाम रोशन किया है।

उन्होंने बताया कि ओवरऑल रेटिंग में सिद्धार्थ ने 370वां रैंक प्राप्त किया है। अन्य विद्यार्थियों में गविश गर्ग ने 99.4, प्रथम भटिया ने 96.83, महक गुप्ता ने 96.79, पारूष ने 96.37, पाहुलदीप सिंह ने 95.43 परसेंटाइल अंक हासिल किए।

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